हाल के वर्षों में विमानों में तकनीकी खराबी की खबरें लगातार आ रही हैं। सरकार के अनुसार इस वर्ष भारतीय विमान सेवाओं में 183 तकनीकी खराबी की सूचना मिली जबकि पिछले साल तकनीकी गड़बड़ियों में 6% की कमी आई। अहमदाबाद विमान हादसे के बाद डीजीसीए ने सुरक्षा जाँच और कड़ी कर दी है।
पीटीआई, नई दिल्ली। हाल के दिनों में एयरलाइनों में तकनीकी समस्याओं की बात लगातार सामने आ रही है। इस साल अब तक भारतीय एयरलाइनों में 183 तकनीकी खराबियों की सूचना मिली है।
सरकार ने सोमवार को बताया कि पिछले साल यानी 2024 में तकनीकी गड़बड़ियों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी। यह जानकारी तब सामने आई है जब 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट के क्रैश में 260 लोगों की मौत हो गई थी।
जांच हुई और सख्त
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा से जुड़े अहम हिस्सों की जांच को और सख्त कर दिया है। बता दें, इस हादसे में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 टेकऑफ के कुछ समय बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह फ्लाइट अहमादाबद से लंदन गेटविक के लिए रवाना हुई थी।2025 में 23 जुलाई तक कुल 183 तकनीकी खराबियों की रिपोर्ट मिली है। जबकि, 2024 में यह संख्या 421 रही जो 2023 की 448 रिपोर्ट की तुलना में थोड़ी कम है। 2022 में 528 और 2021 में 514 तकनीकी खराबियां दर्ज की गई थीं।
किस साल में कितनी जांच हुई?
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में गंभीर खराबियों और गड़बड़ियों पर 2094 जांचे की गई हैं। राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोले ने बताया कि 2024 में तकनीकी गड़बड़ियों में 2023 की तुलना में करीब 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
DGCA के पास इस साल अब तक 3925 यात्री शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 4016 रही। 2023 में सबसे ज्यादा 5513 शिकायतें आई थीं। 2022 में 3782 और 2021 में 4113 शिकायतें दर्ज हुई थीं।
नियम और मजबूत किए गए
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, DGCA के पास सुरक्षा के लिए एक मजबूत और नियमित रूप से अपडेट किया जाने वाला नियमों का ढांचा है। ये नियम अंतरराष्ट्रीय स्तर के ICAO (अतंरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) और EASA (यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी) के मानकों से मेल खाते हैं।