|लोकसभा में आज दोपहर 12 बजे पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी थी। हालांकि, ये चर्चा अपने समय पर नहीं शुरू हो सकी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
मोहन शर्मा, नयी दिल्ली|सदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग से लेकर पाकिस्तानी दूतावास के सदस्यों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित किए जाने तक, सरकार के कदम गिनाए। उन्होंने कहा कि दूतावासों को ब्रीफिंग देने के साथ ही मीडिया में भी यह जानकारी दी गई कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का अधिकार है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान सुरक्षा काउंसिल का सदस्य है, हम नहीं हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के बारे में बताया। हमारी रेड लाइन पार कर गई, तब हमें सख्त कदम उठाने पड़े। हमने दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब किया। सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान समेत केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। यूएन के 193 में से तीन सदस्यों ने ही इस ऑपरेशन का विरोध किया।”
भाजपा सांसद का विपक्ष पर पलटवार
सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए, भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने कहा, “अगर हम उस नई सामान्य स्थिति को देखें जिसकी मैं बात कर रहा हूं, तो यह समझना ज़रूरी है कि अतीत क्या था। अतीत में, नियमित रूप से, लगभग रोज़ाना, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी भारत पर हमले करते थे और भारतीयों की हत्या करते थे।”
उन्होंने कहा, “2005 के दिल्ली सीरियल बम धमाकों के लिए पाकिस्तान को एक डोजियर भेजा गया था। 2006 के वाराणसी बम धमाकों के लिए, भारत ने भारत-पाक वार्ता में इस मुद्दे को उठाया था। 2008 के मुंबई हमलों में, जब इतने सारे लोग मारे गए थे, तब तत्कालीन सरकार ने जवाबी कार्रवाई न करने का फैसला किया था। जवाबी कार्रवाई की योजना हमारे सशस्त्र बलों ने बनाई थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने जवाबी कार्रवाई की अनुमति नहीं दी।”
भाजपा सांसद ने कहा, “यह रिकॉर्ड में दर्ज है कि सरकार के तत्कालीन वरिष्ठतम अधिकारियों, चाहे वह विदेश सचिव हों, या तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई न करने का फैसला किया था। मुंबई हमलों के सात महीने बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने रूस में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति से मुलाकात की और फैसला किया कि भारत और पाकिस्तान बातचीत जारी रखेंगे। हमारी तत्कालीन सरकारें दशकों तक तुष्टिकरण करती रहीं। उन पर आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने को रोकने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जा रहा है।”
आतंकवादियों को मिला करारा जवाब- केंद्रीय मंत्री
सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, “24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस था, जब पीएम मोदी मधुबनी में पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करने गए थे। वहां, पीएम मोदी ने पहली बार पहलगाम की घटना पर बात की और उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उनकी कल्पना से परे जवाब मिलेगा। पीएम मोदी ने अपना भाषण अंग्रेजी में दिया क्योंकि वह चाहते थे कि दुनिया को पता चले कि हम आतंकवादियों के सामने झुकने वाले नहीं हैं और हम जवाबी कार्रवाई करेंगे।”