कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अरुण जेटली पर की गई टिप्पणी पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी का यह दावा कि अरुण जेटली ने कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें धमकी दी थी गलत है। अमित मालवीय ने कहा कि अरुण जेटली का निधन 2019 में हुआ था।
पीटीआई, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली को लेकर टिप्पणी की थी। इसे लेकर भाजपा ने राहुल पर निशाना साधा है और उनके बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। अरुण जेटली के बेटे ने भी राहुल की टिप्पणी की आलोचना की है।
राहुल ने अरुण जेटली को लेकर कहा था कि कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने पर अरुण जेटली ने उन्हें धमकी दी थी। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इसे फर्जी खबर बताते हुए कहा कि अरुण जेटली का निधन 2019 में ही हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे।अमित मालवीय ने साधा निशाना
मालवीय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ‘राहुल गांधी का दावा है कि कृषि कानूनों का विरोध करने पर अरुण जेटली ने 2020 में उनसे संपर्क किया था। सच तो ये है कि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 में हो गया था, जबकि कृषि विधेयकों का मसौदा 3 जून 2020 को केंद्रीय कैबिनेट में लाया गया था।’
मालवीय ने कहा कि ये कानून सितंबर 2020 में लागू किए गए थे। इसलिए यह कहना कि अरुण जेटली ने उनसे किसी भी चीज के लिए संपर्क किया था, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। वहीं अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी राहुल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘मैं राहुल को याद दिला हूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हुआ था और कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे।’
रोहन जेटली ने आगे कहा, ‘मेरे पिता के स्वभाव में किसी को धमकाना नहीं था। वे कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और आम सहमति बनाने में यकीन रखते थे। राहुल गांधी को उन लोगों के बारे में बोलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए, जो हमारे बीच नहीं हैं। राहुल ने मनोहर पर्रिकर के साथ भी ऐसा ही करने की कोशिश की थी।’